अखिलीक्स एक्सक्लूसिव : सरकारी स्कूलों में शिक्षा का नया सूर्योदय: बाल-कैबिनेट, एआई और सीएम डॉ. मोहन यादव का प्रोग्रेसिव विजन
(Akhileaks Exclusive)
मध्य प्रदेश में शिक्षा का एक नया सूर्योदय हो रहा है, और इस ऐतिहासिक बदलाव की कमान खुद प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने संभाल रखी है। ‘अखिलीक्स’ के इस विशेष कवरेज में आज हम आपको मुख्यमंत्री के उस विजन की तस्वीर दिखाएंगे, जो सरकारी स्कूलों को लेकर समाज की पुरानी सोच को जड़ से खत्म कर रहा है। राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री का एक बिल्कुल अलग और आत्मीय अंदाज़ देखने को मिला। यहाँ उनका सामना कोई आम छात्र-छात्राओं से नहीं, बल्कि स्कूल की एक चुनी हुई ‘बाल-कैबिनेट’ से हुआ। एक सच्चे लोकतांत्रिक नेता की तरह, सीएम ने इस कैबिनेट का जो सम्मान किया, वो आज पूरे प्रदेश के लिए एक बेहतरीन नजीर बन गया है।
बाल-कैबिनेट का सम्मान और ‘किताब से कल तक’
विद्यालय में आयोजित ‘किताब से कल तक’ कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने स्कूल की इस लोकतांत्रिक कैबिनेट को सीधे मंच पर अपने साथ जगह दी। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की इन बाल-मंत्रियों ने जब आत्मविश्वास के साथ अपने-अपने विभागों का प्रेजेंटेशन दिया, तो मुख्यमंत्री बेहद गदगद नजर आए। उन्होंने विद्यालय की इस ईवीएम आधारित चुनाव प्रणाली की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि असली लीडरशिप की नींव यहीं से तैयार हो रही है। खुद एक सरकारी स्कूल से निकलकर मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे डॉ. मोहन यादव ने बच्चियों को यह अहसास दिलाया कि उनके सपनों की ऊंची उड़ान के लिए प्रदेश सरकार के ये अत्याधुनिक स्कूल अब पूरी तरह से तैयार हैं।
एआई (AI) और चैटजीपीटी पर सीएम का युवाओं को सटीक मंत्र
मुख्यमंत्री का विजन सिर्फ शानदार इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि वो प्रदेश के युवाओं को ग्लोबल लेवल की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं। स्मार्ट क्लासरूम्स, टिंकरिंग लैब और 3D प्रिंटर के बीच घिरे सीएम से जब एक छात्रा ने सीधा सवाल किया कि ‘क्या आप चैटजीपीटी (ChatGPT) का उपयोग करते हैं?’ तो एक मॉडर्न और प्रोग्रेसिव लीडर की तरह डॉ. यादव ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने युवाओं को भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा और सटीक मंत्र दिया।
> “तकनीक और एआई का खूब इस्तेमाल करो, लेकिन इसे अंतिम सत्य मत मानो। हमेशा अपना दिमाग लगाओ और हर तथ्य को अपने विवेक से परखो।”
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जीवन जीने की कला: संगीत, योग और तनावमुक्त भविष्य
एक सख्त प्रशासक के भीतर एक बेहद संवेदनशील अभिभावक भी छिपा है, इसकी सुखद झलक विद्यालय के म्यूजिक रूम में देखने को मिली। जब बच्चियों ने सितार और वायलिन पर ‘सारे जहां से अच्छा’ की मधुर धुन छेड़ी, तो सीएम खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक पाए। इस आत्मीय माहौल में उन्होंने छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि सही मायने में जीवन जीने की कला भी सिखाई। योग, संगीत, खेल और नियमित डायरी लिखने जैसी आदतों को अपनाकर तनावमुक्त रहने का जो संदेश उन्होंने दिया, वो आज की प्रतिस्पर्धा वाली युवा पीढ़ी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
अखिलीक्स का निष्कर्ष: संस्कार और स्मार्ट शिक्षा का संगम
कृषि से लेकर सेना और उद्यमिता तक, युवाओं के लिए आसमान के हर रास्ते खोलने की वकालत करते सीएम मोहन यादव का यह दौरा सिर्फ एक रूटीन विजिट बिल्कुल नहीं था। यह प्रदेश की जनता के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश का शिक्षा मॉडल अब तेजी से बदल रहा है। यह स्मार्ट क्लास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मजबूत भारतीय संस्कारों के एक ऐसे शानदार संगम की तरफ बढ़ रहा है, जहाँ भविष्य में हर सरकारी स्कूल का बच्चा गर्व से कहेगा… ‘सारे जहां से अच्छा’।



