मध्य प्रदेश

MP में आंधी-बारिश का अलर्ट: ग्वालियर-जबलपुर में भारी बारिश, अगले 4 दिन 12 जिलों में आंधी-बारिश

भोपाल
 मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने रविवार को उत्तर और दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, इस बदलाव के मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ सिस्टम हैं। 17 मार्च को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ सकता है। इस प्रणाली के चलते अगले कुछ दिनों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग का कहना है कि 18 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मार्च महीने में इस बार पहली बार मावठा गिरने की संभावना भी जताई जा रही है।

जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, 16 मार्च को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, 17 मार्च को सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और 18 मार्च को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।

गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना

इन मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से मध्यप्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। खासकर पूर्वी और उत्तरी प्रदेश के जिलों में मौसम अधिक प्रभावित होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के कारण दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति देखने को मिल सकती है।

तीन दिन का मौसम पूर्वानुमा
16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश के आसार।
17 मार्च: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में मौसम खराब रह सकता है।
18 मार्च: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर सहित 12 जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में बनी ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में बादल सक्रिय हो रहे हैं। 17 मार्च के आसपास एक और सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी रह सकती है।

प्रदेश में गर्मी का असर बरकरार
बारिश के अनुमान के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर तेज बना हुआ है। शनिवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में भी पारा 39 डिग्री के करीब पहुंच गया। 

तेज गर्मी का असर अब भी प्रदेश के कई हिस्सों में बना हुआ है। शनिवार को भी प्रदेश के कई शहरों में तीव्र लू चली और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खासकर, नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। यहां पिछले तीन दिनों से लू का प्रभाव बना हुआ था, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। वहीं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन से भी गर्म जबलपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

नर्मदापुरम के बाद खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारा 37.2 डिग्री, इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में 37.7 डिग्री रहा।

अप्रैल-मई में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी का असर और बढ़ेगा। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, खासकर ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में। 

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