राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय का ₹480 करोड़ का घोटाला!
Akhileaks Special Investigation
प्रस्तावना: शिक्षा के मंदिर में घोटाले का साया
छिंदवाड़ा की धरती पर बना राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय (RSSU) आदिवासी नायक की स्मृति का प्रतीक है। इसका उद्देश्य था – शिक्षा और जागरूकता। लेकिन आज यही विश्वविद्यालय ₹480 करोड़ के घोटाले में फँसता नज़र आ रहा है।
19 जून 2025 को विश्वविद्यालय प्रशासन ने Expression of Interest (EOI) जारी किया। उद्देश्य था —
Project Management Consultancy (PMC) नियुक्त करना।
मास्टर प्लान तैयार करना।
निर्माण की निगरानी करना।
क्वालिटी कंट्रोल और हॉस्टल–रेज़िडेंशियल ब्लॉक्स का विकास करना।
पर सवाल ये है — क्या यह टेंडर शिक्षा के लिए था, या ब्लैकलिस्टेड कंपनियों के लिए रास्ता खोलने का जुगाड़?
नियमों की अनदेखी: GFR और CVC को ताक पर
भारत सरकार का GFR 2017 साफ़ कहता है —
₹10 लाख से ऊपर की सभी निविदाएँ ई-टेंडरिंग से होंगी।
CVC Guidelines भी यही दोहराती हैं —
उच्च मूल्य की निविदाएँ पारदर्शिता के लिए केवल ऑनलाइन।
लेकिन RSSU ने ₹480 करोड़ का टेंडर ऑफ़लाइन पेपर मोड में निकाला।
यानी पारदर्शिता को दरकिनार कर भ्रष्टाचार की ज़मीन तैयार की गई।
ब्लैकलिस्टेड कंपनियों का खेल
1. NPCC (National Projects Construction Corporation)
2021: MP में ITI कॉलेज बिल्डिंग्स का ठेका – ₹113 करोड़।
फर्जी DPR, घटिया बिल्डिंग, ₹28 करोड़ की ओवर-बिलिंग।
CBI केस और गिरफ्तारियाँ।
नतीजा: NPCC ब्लैकलिस्टेड।
फिर भी, यही कंपनी RSSU के टेंडर में शामिल! सवाल उठता है – किसके इशारे पर?
2. WAPCOS (Water and Power Consultancy Services Ltd.)
PWD आदेश (21 मार्च 2023): ब्लैकलिस्टेड।
आरोप:
घटिया क्वालिटी।
गैर-जिम्मेदाराना संचालन।
वित्तीय अनियमितताएँ।
नतीजा: सरकारी लिस्ट में ब्लैकलिस्टेड।
फिर भी RSSU प्रोजेक्ट में इसकी मौजूदगी दिखाती है कि नियम सिर्फ़ कागज़ पर हैं।
3. MTDCL (Manipur Tribal Development Corporation Ltd.)
The Frontier Manipur (5 अगस्त 2025) रिपोर्ट:
फर्जी बैंक अकाउंट्स।
52 इंजीनियरों की अवैध नियुक्ति।
अनधिकृत दफ़्तर।
करोड़ों की हेराफेरी।
विजिलेंस और CBI जांच की माँग।
ऐसी कंपनी अगर यूनिवर्सिटी का काम करेगी, तो छात्रों के भविष्य की गारंटी कौन देगा?
कार्यकारी परिषद (EC) की चेतावनी
EC ने कहा:
यह सिर्फ़ ईंट-पत्थर का खेल नहीं है।
छात्रों की पढ़ाई और यूनिवर्सिटी की साख दाँव पर है।
आदेश:
26 सितम्बर 2025 की प्रस्तुति स्थगित करो।
विशेष समिति की बैठक बुलाओ।
नया टेंडर MP e-Tender Portal पर, GFR 2017 और CVC गाइडलाइंस के तहत करो।
बड़ा सवाल: शिक्षा या ठेका–राज?
क्या राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर बनेगा?
या यह भी भ्रष्टाचारियों का शिकार बन जाएगा?
क्या ₹480 करोड़ छात्रों के भविष्य पर लगेगा, या कुछ जेबें भर देगा?
Akhileaks की नज़र
यह मामला बताता है कि घोटाले सिर्फ़ पैसे नहीं खाते… वे विश्वास तोड़ते हैं, भविष्य छीनते हैं और समाज को अंधेरे में धकेलते हैं।
Akhileaks पूछता है:
क्या RSSU को बचाने के लिए सरकार सख़्त कदम उठाएगी?
या फिर एक और पवित्र संस्थान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा?



