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NCRB REPORT 2023: भारत का क्राइम मैप – Akhileaks की पड़ताल

भारत की हकीकत, आंकड़ों की ज़ुबानी

नमस्कार, मैं हूँ अखिलेश सोलंकी, और आप देख रहे हैं Akhileaks।
आज हम लेकर आए हैं वह रिपोर्ट, जो देश की सुरक्षा, समाज की हालत और सत्ता की नाकामी का आईना है —
NCRB यानी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की 2023 रिपोर्ट।

यह रिपोर्ट बताती है कि भारत में अपराध सिर्फ़ बढ़ नहीं रहा, बल्कि अब वह संवेदनशीलता का नया पैमाना बन चुका है।
जहाँ कभी कानून की ताकत दिखनी चाहिए थी, वहाँ अपराधियों का हौसला नज़र आता है।
और इस पूरी तस्वीर में मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है।

बचपन पर हमला: MP नंबर-1

2023 में बच्चों पर अपराध के 1.77 लाख केस दर्ज हुए — 2022 से 9.2% ज्यादा।
इसमें मध्य प्रदेश अकेले 22,393 केस के साथ देश में नंबर-1 पर है।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर बच्चों के लिए सबसे असुरक्षित बन चुके हैं।

Akhileaks Analysis:

MP लगातार तीसरे साल बच्चों पर अपराध में टॉप पर है।

अपहरण, पॉक्सो केस और बाल तस्करी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी।

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश भी ऊँचे आंकड़ों में, पर MP का ग्राफ सबसे खतरनाक।

“शिक्षा का गढ़ कहा जाने वाला राज्य, अब मासूमों का कब्रिस्तान बन रहा है।”

महिलाओं की सुरक्षा: कानून है, लेकिन असर नहीं

महिलाओं पर अपराध के 4.48 लाख केस दर्ज हुए — पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड।
उत्तर प्रदेश 66,381 केस के साथ नंबर-1 पर है,
महाराष्ट्र 47,101 केस के साथ दूसरे पर,
और राजस्थान 45,450 केस के साथ तीसरे पर।
मध्य प्रदेश भी 32,342 केस के साथ टॉप-5 में है।

इनमें सबसे ज्यादा केस “पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता” के हैं।
दहेज हत्या में भी MP चौथे स्थान पर (469 केस) है।
भोपाल और इंदौर यहाँ सबसे ज्यादा घटनाओं वाले शहर हैं।

“सवाल यह नहीं कि कानून कितना कड़ा है, सवाल यह है कि उसका डर किसे है?”

दुष्कर्म: राजस्थान की शर्मनाक तस्वीर

देशभर में दुष्कर्म के 31,516 केस दर्ज हुए।
संख्या घटकर 6% कम ज़रूर हुई, लेकिन हालात नहीं बदले।
राजस्थान 5,078 केस के साथ टॉप पर है।
UP (3,516) और बिहार (902) को जोड़ दें तो भी राजस्थान आगे है।

मध्य प्रदेश भी महिलाओं के खिलाफ अपराध की कुल श्रेणी में पीछे नहीं है।
66% पीड़िताएँ 18 से 30 वर्ष की आयु की हैं।
यानी भारत का “युवा समाज” सबसे असुरक्षित वर्ग बन गया है।

लूट और अपराध का भूगोल: महाराष्ट्र आगे

लूट के मामलों में महाराष्ट्र (5,942 केस) टॉप पर है।
UP और बिहार भी शीर्ष पर हैं, पर औद्योगिक केंद्रों की वजह से महाराष्ट्र सबसे प्रभावित है।

> “जहाँ पैसा है, वहाँ अपराध भी है — NCRB के आंकड़े यह सच साबित करते हैं।”
साइबर अपराध: डिजिटल इंडिया में डिजिटल खतरा

2023 में साइबर अपराध के 86,420 केस दर्ज हुए — 31% की बढ़ोतरी।
मुंबई ऑनलाइन फ्रॉड में टॉप पर (2,396 केस),
हैदराबाद साइबर-बुलिंग में पहले स्थान पर।
भोपाल और इंदौर भी शीर्ष 10 में शामिल हैं।

अब अपराधी सड़क पर नहीं,
आपके मोबाइल स्क्रीन और बैंक अकाउंट में घुस चुके हैं।

किसान और मजदूर की मौत: खेत से कब्र तक

खेती से जुड़े 10,700 लोगों ने आत्महत्या की।

महाराष्ट्र – 38.5%

कर्नाटक – 22.5%

मध्य प्रदेश – 7.2% (करीब 770 किसान और मज़दूर)

Akhileaks सवाल पूछता है:
किसान सम्मान निधि कहाँ है?
लोन माफी किसकी झोली में है?
जब जमीन से जुड़ा आदमी ज़मीन में समा जाए,
तो ये रिपोर्ट सिर्फ़ डेटा नहीं, सिस्टम की हार है।

बेरोजगारी से मौत और भ्रष्टाचार से जीवन

बेरोजगार आत्महत्या के 14,234 केस — सबसे ज्यादा केरल (2,191)।
MP यहाँ टॉप पर नहीं, लेकिन युवाओं की स्थिति उतनी ही चिंताजनक है।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत महाराष्ट्र 763 केस,
UP 216 और MP 262 केस लेकर सातवें नंबर पर है।
मतलब यह कि रिश्वत अब नॉर्मल है, व्यवस्था एक्सेप्शन।

SC/ST पर अत्याचार और मणिपुर का विस्फोट

SC पर अपराध: 57,789 केस (UP 15,130, Rajasthan 8,449, MP 8,232)।
ST पर अपराध में 29% की वृद्धि, MP यहाँ भी प्रमुख अपराधी राज्य।
मणिपुर में हिंसक अपराध 20 गुना बढ़े — 631 से बढ़कर 14,427।

> “पूर्वोत्तर में आग लगी, बाकी देश ने खामोशी ओढ़ ली।”

विदेशियों पर अपराध: Incredible India का उल्टा चेहरा

2023 में 238 विदेशी अपराध के शिकार बने।
46 चोरी के केस, 27 दुष्कर्म के।
कुल पीड़ितों में 53% एशियाई।
भारत में आने वाला पर्यटक अब सुरक्षा नहीं, जोखिम लेकर आता है।

अंतिम निष्कर्ष: आंकड़े झूठ नहीं बोलते

2023 की NCRB रिपोर्ट भारत का सुरक्षा स्कोरकार्ड है —
और उसमें हर राज्य ने अपने तरीके से फेल किया है।

हत्या में UP

दुष्कर्म में राजस्थान

लूट में महाराष्ट्र

बच्चों पर अपराध में MP

आत्महत्याओं में महाराष्ट्र और केरल

लेकिन सबसे बड़ा झटका है मध्य प्रदेश की स्थिति —
जहाँ हर अपराध श्रेणी में उसका नाम मौजूद है।

> “संस्कारों का गढ़ अब अपराधों का गढ़ बन चुका है।”

Akhileaks Verdict

अगर अपराध आंकड़ों का खेल है, तो सत्ता इस खेल की खिलाड़ी बन चुकी है।
सरकारें बदलती हैं, रिपोर्टें नहीं।
सवाल वही रहता है — जवाबदेही कौन तय करेगा?

और जब तक जवाब नहीं मिलेगा,
Akhileaks हर रिपोर्ट, हर सच्चाई, और हर झूठ का पर्दाफाश करता रहेगा।

क्योंकि —

> आंकड़े झूठ नहीं बोलते… लेकिन नेता, अक्सर बोलते हैं।

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