मध्य प्रदेश

पंपों पर भारी भीड़, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में पेट्रोल की 25% ज्यादा बिक्री; LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें

भोपाल
 मध्य प्रदेश के कई जिलों में  रात अचानक तेल का हाहाकार मच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच बढते तनाव और युद्ध की चर्चाओं ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता में ऐसा खौफ पैदा किया कि लोग आधी रात को अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर टूट पडे। नीमच, उज्जैन और पांढुर्णा जैसे शहरों में हालात बेकाबू हो गए, जहां पेट्रोल भरवाने की होड में लोगों के बीच तीखी झडपें और हाथापाई तक हुई।

प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत यह रही कि रात होते-होते अधिकांश पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए और हजारों लोग खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए।

अमेरिका, इजराइल और ईरान में तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर तीन दिनों से भीड़ बढ़ गई है। कई शहरों में लोग सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों के साथ लाइन में लग रहे हैं और देर रात तक पंपों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है।

भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि शहर में 192 पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। खाद्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां कमी की सूचना मिली, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इंदौर और उज्जैन के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और टैंकरों के जरिए नियमित सप्लाई जारी है।

इधर, घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी शहरों में लोगों की लाइनें देखने को मिल रही हैं। कई जगह बुकिंग के बाद 6 से 8 दिन में डिलीवरी हो रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

इंदौर में टीमें तैनात, डिपो में पर्याप्त स्टॉक
इंदौर और उज्जैन में भी पर्याप्त स्टॉक है। इंदौर के मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर टैंकरों में ईंधन भरा जा रहा है, जो पंपों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके लिए खाद्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं।

छोटे जिलों में अफवाह का ज्यादा असर
अफवाहों का ज्यादा असर छोटे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां किसान फसल कटाई को देखते हुए बड़ी मात्रा में डीजल लेने पहुंच रहे हैं। रीवा में अफवाह फैलने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

रायसेन में बढ़ती मांग को देखते हुए बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां पेट्रोल की खपत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। दमोह में भी पंपों पर भीड़ बनी हुई है, जहां लोग टैंक फुल कराने में जुटे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों के कारण अनावश्यक दबाव बन रहा है।

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