छत्तीसगढ़

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की वीसी में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव

रायपुर

जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शनों की समीक्षा के साथ ही जल जीवन मिशन 2.0 की जानकारी दी गई। 

जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा

नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से आयोजित बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री  वी. सोमन्ना तथा विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री भी मौजूद थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक  जितेन्द्र कुमार शुक्ला तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी भी उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के साथ उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।  

बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, उसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा हर घर तक नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। घरेलू नल जल कनेक्शनों की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधानों पर भी इस दौरान चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 की केंद्रीय कैबिनेट से अनुमोदन एवं उसकी शर्तों के बारे में सभी राज्यों को अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में जल जीवन मिशन की समयावधि को दिसम्बर-2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।  

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए राज्यांश के रूप में 3426 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। उन्होंने इसके समतुल्य केंद्रांश की राशि प्राथमिकता से जारी करने का अनुरोध किया। भारत सरकार द्वारा एकल ग्राम योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का निर्णय लिया गया है।  साव ने इसमें आंशिक संशोधन करते हुए मल्टी-विलेज योजनाओं (MVS) के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत सभी राज्यों को भारत सरकार के साथ एमओयू करना होगा। भारत सरकार द्वारा सुझाए गये बिन्दुओं को समाहित कर संशोधित ओएंडएम नीति (O&M Policy) लागू करनी होगी। इसके बाद ही भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत राशि जारी की जाएगी। साथ ही मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं की डिजिटल एसेट रजिस्ट्री सुजलम भारत मोबाइल एप के माध्यम से सुजल गांव आईडी जनरेट किया जाना होगा तथा योजनाओं का फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन भी किए जाने की अनिवार्यता होगी। इन प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद ही भारत सरकार द्वारा मिशन के तहत योजनावार राशि जारी की जाएगी। 

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